Thursday, January 29, 2009

मघा नक्षत्र के घटाटोप अंधेरे में / मेरी पसंदीदा पंक्तियां

असंभव इच्छाओं के द्वीप पर बैठामै लगातार सोचता हूं तुम्हारे बारे में
किसी दुर्लभ सत्य सी तुम कौंधती होमघा नक्षत्र के घटाटोप अंधेरे में
घुमड़ते मेघ सा स्म्रति के आकाश मेंतुम्हारा स्मरण चस्पा हैचेतना की दीवार पर
main तुम्हे खोजता हूं उन अनाम क्षणों मेंजब मैनें तुम्हारा वरण किया था
aaj भी कुछ टूटता है बहुत गहरेधूप की बारिश के बीच
किसी राहगीर के पांव में कांटे कि तरहअंधेरे को चीरती रोशनी की लकीर सीतुम रोज गुजरती हो मेरे सामने से
मुझे देखकर भी न देख पाने की विवशताखुबी रहती है तुम्हारी आंखों में
विष्फोटसे ध्वस्त हुए शहर सालस्त और पस्त थरथराता रहता हूं मैं
काफी देर तलकरेल के गुजर जाने के बाद पुल की मानिंद- कैलाश पचौरी

Wednesday, December 31, 2008

नए साल की शुभकामनाये ...............

आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाये.............
ये साल आपके लिए बहुत सारी खुशिया लेकर आए और आपकी सारी इछाये पूरी करे और आपके लिए ये एक यादगार साल हों ........

Monday, December 29, 2008


हम समझते हैं


सफलता का राज

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है।
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,संघर्श का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम।
किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

Sunday, December 28, 2008

नमस्कार,
आप सबका आपके अपने ब्लॉग मैं स्वागत हैं!!!!!!!!
ஆப் சபக ஆப்கே அப்னே ப்லோக் மெயின் சவகட் ஹைன்!!!!!!!!!!!!!
यह मेरे ब्लॉग लिखना का पहला प्रयास हैं इसलिए यदि कोई गलती हों तो सुधर करवा दीजियेगा और आईडिया भी बताइए की कैसे इसे सुधारा जाए..............